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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव औऱ अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में OBC सांसदों के एक समूह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को NEET-UG एवं NEET-PG के तहत अखिल भारतीय कोटे में ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण बहाल करने के सम्बंध में ज्ञापन सौंपा.

आज केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव औऱ अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में OBC सांसदों के एक समूह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को NEET-UG एवं NEET-PG के तहत अखिल भारतीय कोटे में ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण बहाल करने के सम्बंध में ज्ञापन सौंपा.

आजादी के लंबे समय बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में एक ऐसी सरकार चल रही है, जिसने सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े, दलित, अनुसूचित जनजाति तथा आर्थिक तौर पर कमजोर(EWS) तबके के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम किया है.
दशकों से लंबित ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने का काम भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस सरकार ने किया है. आर्थिक रूप से कमजोर तबके (EWS) को सरकारी नौकरियों एवं शैक्षणिक संस्थानों में 10% आरक्षण देने का निर्णय करके मोदी सरकार ने सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक विकास में समाज के हर वर्ग की भागीदारी को सुनिश्चित करने का काम किया है.
एनईईटी के प्रावधानों के अनुसार राज्यों के सरकारी कॉलेजों व प्रायवेट मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों को कुल सीटों की संख्या में से स्नातक (MBBS) पाठ्यक्रमों के लिए 15% तथा परास्नातक(MD/MS) पाठ्यक्रमों के लिए 50% सीटें अखिल भारतीय कोटे में खाली रखना आवश्यक है, जिससे देश के किसी भी हिस्से के अभ्यर्थी संविधान सम्मत व्यवस्था से मिले आरक्षण के प्रावधानों के अनुरूप इसका लाभ उठा सकें.
प्रधानमंत्री से मिलकर ओबीसी सांसदों ने ज्ञापन के माध्यम से एनईईटी के तहत तय अखिल भारतीय कोटे में स्नातक (MBBS) व परास्नातक (MD/MS) पाठ्यक्रमों हेतु OBC एवं EWS के अभ्यर्थियों के लिए तय आरक्षण की व्यवस्था को ठीक ढंग से लागू कराने के विषय को संज्ञान में लाया. सभी सांसदों ने कोविड के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना से हुए कार्यों की सराहना की.

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